सेविंग अकाउंट में कैश जमा सीमा क्या है?
सेविंग अकाउंट में कैश जमा की सीमा वह अधिकतम राशि है, जिसे कोई व्यक्ति एक निर्धारित अवधि में बिना टैक्स अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किए जमा कर सकता है। यह सीमा आयकर नियमों के अनुसार निर्धारित की जाती है, जिससे नकदी लेन-देन की निगरानी और नियंत्रण किया जा सके, और मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी जैसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
भारतीय आयकर अधिनियम के अनुसार, यदि आप वित्तीय वर्ष में अपने सेविंग अकाउंट में कुल 10 लाख रुपए या उससे अधिक की नकद राशि जमा करते हैं, तो इसकी सूचना टैक्स अधिकारियों को देना अनिवार्य है। वहीं करंट अकाउंट के लिए यह सीमा 50 लाख रुपए है।
ध्यान रखें, यह जमा राशि तुरंत कर योग्य नहीं होती, परंतु बैंक और वित्तीय संस्थाओं को इन सीमाओं से अधिक लेन-देन की रिपोर्ट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देना पड़ता है।
सेक्शन 194N – कैश निकासी पर TDS
सेक्शन 194N के अंतर्गत, यदि किसी वित्त वर्ष में किसी भी खाते से 1 करोड़ रुपए से अधिक नकद निकासी होती है, तो 2% TDS काटा जाता है। यदि बीते तीन वर्षों तक आपका इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं हुआ है, तो 20 लाख रुपए से अधिक निकासी पर 2% TDS और 1 करोड़ से अधिक पर 5% TDS कटता है।
यह TDS आपकी आय नहीं मानी जाती, बल्कि ITR फाइल करते वक्त इसका क्रेडिट लिया जा सकता है।
सेक्शन 269ST – कैश लेनदेन सीमा
सेक्शन 269ST के अंतर्गत, यदि किसी व्यक्ति को एक वित्त वर्ष या एक लेन-देन में 2 लाख रुपए या अधिक नकद प्राप्त होते हैं, तो उस पर दंड लग सकता है। यह नियम बैंक से नकद निकासी पर लागू नहीं होता, जबकि उच्च निकासी पर TDS की व्यवस्था बनी हुई है।
269SS और 269T – कैश लोन पर प्रतिबंध
सेक्शन 269SS और 269T के तहत, 20,000 रुपए से अधिक का नकद ऋण लेना या लौटाना कानूनी अपराध है। ऐसी स्थिति में जितनी राशि कैश में ली या लौटाई गई, उतनी ही पेनल्टी लग सकती है।
बैंक खाते में जमा कैश पर टैक्स कैसे लगता है?
सेविंग अकाउंट में कुल 10 लाख रुपए या उससे अधिक कैश जमा होने पर बैंक इसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देता है, हालांकि प्रत्यक्ष टैक्स नहीं लगता। करंट अकाउंट में यह सीमा 50 लाख रुपए है।
यदि बैंक खाते में जमा की गई राशि के स्रोत का प्रमाण नहीं मिलता है, तो सेक्शन 68 के तहत नोटिस जारी हो सकता है। ऐसी स्थिति में 60% टैक्स, 25% सरचार्ज और 4% सेस लग सकता है।
44AD/44ADA – व्यापारिक खातों में छूट
यदि आपके द्वारा जमा राशि आपके व्यापारिक टर्नओवर से मेल खाती है, तो कोई पेनल्टी नहीं लगती (विशेषकर सेक्शन 44AD/44ADA के तहत)। व्यापार से असंबंधित जमा राशि टैक्स विभाग की नजर में आ सकती है।
अन्य प्रमुख कैश लेन-देन की सीमाएँ
करंट अकाउंट में कैश जमा
व्यापारिक उद्देश्यों के लिए प्रायः करंट अकाउंट में अधिक नकद जमा की सीमा होती है। उदाहरण स्वरूप, SBI में यह सीमा 5 लाख से 100 करोड़ रुपए प्रति माह तक है। HDFC में यह सीमा 60 लाख या अकाउंट की एवरेज मंथली बैलेंस का दस गुना है।
कैश ट्रांजैक्शन लिमिट
किसी भी बैंक में एक दिन में 2 लाख रुपए से अधिक की नकद लेन-देन (सेक्शन 269ST) प्रतिबंधित है।
नकद निकासी सीमा
एक व्यक्ति यदि तीन अलग-अलग बैंकों में तीन खाते रखता है, तो प्रत्येक बैंक से 1 करोड़ (कुल 3 करोड़) रुपए तक निकासी कर सकता है, बिना TDS के।
कैश गिफ्ट सीमा
यदि किसी वित्त वर्ष में आपको 50,000 रुपए या उससे कम की राशि गिफ्ट में मिलती है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं है। माता-पिता, जीवनसाथी, भाई-बहन, ससुराल इत्यादि से कितनी भी राशि गिफ्ट ले सकते हैं—इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सीमा
टैक्स-सेवर FD में कम-से-कम 100 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए प्रति वर्ष जमा किए जा सकते हैं, ताकि टैक्स लाभ लिया जा सके।
क्रेडिट कार्ड कैश बिल भुगतान सीमा
SBI के माध्यम से VIZA क्रेडिट कार्ड बिल का नकद भुगतान करते समय एक दिन में अधिकतम 50,000 रुपए और एक ट्रांजैक्शन में 25,000 रुपए तक भुगतान कर सकते हैं। HDFC में यह सीमा 49,000 रुपए है।
रियल एस्टेट लेन-देन में नकद सीमा
किसी भी संपत्ति की खरीद/बिक्री में 20,000 रुपए से अधिक नकद देना/लेना रोक दिया गया है (सेक्शन 269SS)। इससे अधिक नकद लेने-देने पर 100% पेनल्टी लग सकती है।
पूर्णतः नकद से फ्लैट खरीदना अवैध है
पूरी राशि नकद देकर फ्लैट या संपत्ति खरीदना गैरकानूनी है। 20,000 रुपए से अधिक नकद लेने की मनाही है। इसका उल्लंघन करने पर खरीदार और विक्रेता दोनों पर दंड लग सकता है।
सेल डीड में नकद भुगतान दर्ज करना
आप संपत्ति की रजिस्ट्री (सेल डीड) में नकद भुगतान का उल्लेख कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि किसी भी ट्रांजैक्शन में नकदी 20,000 रुपए से अधिक न हो।
कृपया उपरोक्त सभी प्रमुख कैश ट्रांजैक्शन की सीमाओं और नियमों का पालन करें और लेन-देन करने से पहले अद्यतित सरकारी दिशानिर्देश अवश्य जांचें।
External Links (Authority Sites):
- Income Tax Department Official: https://www.incometax.gov.in/
- Reserve Bank of India: https://www.rbi.org.in/
- Central Board of Direct Taxes (CBDT): https://www.cbdt.gov.in/
- Ministry of Finance: https://www.finmin.nic.in/
- State Bank of India: https://www.onlinesbi.sbi/
- HDFC Bank: https://www.hdfcbank.com/

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