बंगाली सिनेमा जगत और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रसिद्ध बंगाली अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता जय बैनर्जी का सोमवार सुबह 11:35 बजे कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह मात्र 62 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित थे।
अस्पताल में लंबे इलाज के बाद हुआ निधन
जय बैनर्जी को 15 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के कारण कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल सूत्रों के अनुसार, उन्हें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और निमोनिया की समस्या थी। 17 अगस्त से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही।
चिकित्सक सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। जय बैनर्जी के साथ उनकी पत्नी अंकिता बैनर्जी और मां रह गई हैं।
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80 और 90 के दशक के मशहूर अभिनेता
23 मई, 1963 को जन्मे जय बैनर्जी ने 1982 में फिल्म ‘अपरूपा’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने देबश्री रॉय के साथ काम किया था। उन्होंने 80 और 90 के दशक में बंगाली सिनेमा में अपनी पहचान बनाई।
उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:
- हीरक जयंती (1990) – जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई
- मिलन तिथि (1985) – एक सफल रोमांटिक फिल्म
- चॉपर (1986) – समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्म
- नागमती (1983) – जिसने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई
- अभागिनी (1991) – चुमकी चौधरी के साथ हिट जोड़ी
विशेष रूप से ‘चॉपर’ फिल्म में उनके अभिनय की व्यापक प्रशंसा हुई थी और दर्शकों के बीच वह बेहद लोकप्रिय हो गए थे।
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फिल्मों से राजनीति की दुनिया में
फिल्मी करियर के बाद जय बैनर्जी ने राजनीति की दुनिया में कदम रखा। 2014 में उन्होंने BJP की सदस्यता ली और पार्टी की पश्चिम बंगाल राज्य समिति के सदस्य बन गए।
उनका राजनीतिक सफर:
- 2014 लोकसभा चुनाव: बीरभूम सीट से तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी रॉय के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए
- 2019 लोकसभा चुनाव: उलुबेरिया सीट से तृणमूल की साजदा अहमद के विरुद्ध चुनाव लड़ा, पर फिर हार का सामना करना पड़ा
- नवंबर 2021: राजनीति से संन्यास की घोषणा करते हुए BJP से इस्तीफा दे दिया
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व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियां
जय बैनर्जी का निजी जीवन भी काफी चर्चा में रहा। उनकी पहली पत्नी अनन्या बैनर्जी तृणमूल कांग्रेस की पार्षद हैं। राजनीतिक मतभेदों के कारण दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद उन्होंने अंकिता बैनर्जी से दूसरी शादी की।
दिलचस्प बात यह है कि तलाक के बावजूद अनन्या बैनर्जी उनके अंतिम समय तक उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा था, “मैंने उनकी मां और परिवार के साथ खड़े रहने की कोशिश की है। वह लंबे समय से बीमार थे। हाल ही में वह थोड़ा सा बोलते ही सांस फूलने लगते थे।”
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राजनीतिक हलकों में शोक
जय बैनर्जी के निधन पर राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है:
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने ट्वीट करते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता और प्रतिष्ठित अभिनेता जय बंद्योपाध्याय के निधन से हम गहरे शोक में हैं। उनकी विदेही आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। ॐ शांति।”
विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी और पूर्व राज्य BJP अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी शोक संदेश जारी किए हैं।
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फिल्म जगत का शोक
तृणमूल सांसद और अभिनेत्री शताब्दी रॉय, जो उनकी कई फिल्मों में सह-कलाकार रही हैं, ने कहा, “मैं बिल्कुल टूट गई हूं। मुझे पता था कि जय काफी समय से बीमार थे, और हम सभी उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे।”
अभिनेता रुद्रनील घोष ने फेसबुक पर लिखा, “प्रयात अभिनेता जय बैनर्जी। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”
बंगाली सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति
जय बैनर्जी का जाना बंगाली सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने 80 और 90 के दशक में टॉलीवुड (बंगाली फिल्म इंडस्ट्री) में अपना विशेष स्थान बनाया था। उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं और युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती हैं।
सुखेन दास और अंजन चौधरी जैसे प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ उनके काम को आज भी याद किया जाता है। विशेषकर चुमकी चौधरी के साथ उनकी जोड़ी को सिने प्रेमी आज भी पसंद करते हैं।
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अंतिम संस्कार की व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार, जय बैनर्जी का पार्थिव शरीर सोमवार शाम को अस्पताल से तारतला स्थित उनके घर ले जाया गया। इसके बाद श्रद्धांजलि के लिए BJP के राज्य मुख्यालय भी ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार की रस्में मंगलवार को संपन्न होंगी।
एक युग का अंत
जय बैनर्जी का निधन न केवल बंगाली फिल्म जगत के लिए बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हमेशा अपनी मेहनत और ईमानदारी से काम किया।
62 वर्ष की अल्पायु में उनका चले जाना फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी यादें और उनके द्वारा दिए गए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
जय बैनर्जी की आत्मा को शांति मिले।
